भौतिक चिकित्सा और पुनर्वास विभाग
संस्थान के पुनर्वास दल में चिकित्सक (भौतिक चिकित्सा एवं पुनर्वास विशेषज्ञ) शामिल हैं, जिनका सहयोग अस्थिरोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, निश्चेत विज्ञान विशेषज्ञ, विकिरण विज्ञानी, पुनर्वास नर्स, भौतिक एवं व्यावसायिक थैरापिस्ट्स, संयुक्तांग एवं ऋज्वांग विज्ञानी, वाक् चिकित्सक, मनोविज्ञानी, चिकित्सा समाज कार्यकर्ता एवं व्यावसायिक परामर्शदाता द्वारा किया जाता हैं |
रोगी प्रबंधन की प्रक्रिया इस प्रकार हैं
इलाज हेतु पंजीकरण बाह्य रोगी विभाग (ओ.पी.डी.) दिनों में सुबह 9.00 से दोपहर 11.00 बजे तक निःशुल्क किये जाते हैं | रोगी की रिकार्ड फाइल जारी की जाती हैं, जिसे इलाज / परामर्श के बाद रिकार्ड विभाग में जमा किया जाता हैं और रोगियों को कार्ड दिए जाते हैं जिन्हें संस्थान में आने पर फाइल लेने के लिए हर बार पेश करना होता हैं |
निदान एवं पुनर्वास प्रबंधन निर्धारण के लिए पी.एम.आर. ओ.पी.डी. में परीक्षण, संबध्दित विभाग से परामर्श और अन्वेषण सुविधाएँ जैसे विकिरण विभाग/विकृति विज्ञान/विद्युत निदान के लिए भेजना और फुट प्रेशर स्कैनिंग एवं युरो डायनैमिक्स आदि सुविधाएँ उपलब्ध हैं |
जिन रोगियों को पुनर्निर्माण शल्य चिकित्सा की आवश्यकता हैं, उन्हें शल्यचिकित्सा के लिए भरती होने की तिथि दी जाती (सामान्यतः तीन महीने से अधिक नहीं), जिसका उपकरणों की परीक्षण तिथि से समन्वय किया जाता हैं और पूरी प्रक्रिया अल्प समय में की जाती हैं |
क्षति एवं विभिन्न विभागों के कार्यों का चिकित्सा पूर्व मूल्यांकन
भौतिक चिकित्सा / व्यावसायिक चिकित्सा / वाक् चिकित्सा विभागों में निर्धारित चिकित्सों का विवरण |
निर्धारित आर्थोसिस और प्रोस्थेसिस का मापन: - उपयुक्तता के लिए रोगी का मूल्यांकन किया जाता है और इसके बाद संयुक्तांग एवं ऋज्वांग क्लिनिक में उपकरणों की गुणवत्ता को अंतिम रूप दिया जाता है | इस प्रक्रिया में कुछ घंटों से लेकर कुछ हफ़्तों तक का समय लग सकता हैं |
आवश्यकता होने पर चिकित्सा समाज कार्यकर्ता और व्यावसायिक परामर्शदाता की सेवाएँ ली जाती हैं |
आवश्यकता होने पर रोगियों को वार्ड में भर्ती किया जाता है, विशेषतः शल्य चिकित्सा या दीर्घ कालिक पर्वेक्षण प्रबंधन के लिए |.
जहाँ भी आवश्यकता होती हैं रोगियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रशिक्षण दिया जाता हैं और रोजगार के लिए भेजा जाता हैं |
विकलांगता एवं अन्य प्रमाण-पत्र मूल्यांकन के बाद जारी किए जाते हैं |
जिन मामलों पर विशेष ध्यान दिया जाना हैं, विस्तृत चर्चा की जानी हैं और पुनर्वास टीम द्वारा पुनर्वास योजना बनाई जानी हैं, उन पर विशेष क्लीनिकों में पहले से ही समय देकर चर्चा की जाती हैं |
अनुसंधान गतिविधियाँ
विभाग द्वारा अनुसंधान कार्य का संचालन नियमित रूप से किया जाता हैं | राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पेपर प्रस्तुतीकरण एवं प्रकाशन के साथ साथ एम.डी. और डी.एन.बी. (पी.एम.आर.) छात्रों के अनुसंधान शोध प्रबंध का विभागीय सकाय द्वारा मार्गदर्शन किया जाता हैं |
शैक्षणिक गतिविधियाँ
चिकित्सा स्नातकों के लिए विभाग द्वारा दो स्नातकोत्तर डिग्री पाठ्यक्रम - डी.एन.बी. (पी.एम.आर.) और एम.डी. (पी.एम.आर.) का संचालन किया जाता है जो क्रमशः राष्ट्रीय परीक्षा समिति, नई दिल्ली और महाराष्ट्र आरोग्य विज्ञान विद्यापीठ, नाशिक से संबद्धित हैं |