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भविष्य की योजनाएँ

भौतिक चिकित्सा एवं पुनर्वास के क्षेत्र के एक सार्वजनिक क्षेत्र संगठन के रूप में एक शीर्ष संस्थान रखते हुए यह संस्थान पुनर्वास सेवाएँ स्थापित और प्रदान करने के लिए देश में इसी प्रकार के संगठनों के विकास में अत्यंत महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा | विकलांग व्यक्तियों की हमेशा बढ़ती रहने वाली माँगो को पूरा करने के लिए संस्थान अपने प्रयोजनों के प्रत्येक पक्ष को सशक्त करते हुए आगे बढ़ेगा |

अखिल भारतीय भौतिक चिकित्सा एवं पुनर्वास संस्थान, मुंबई में आधारभूत सुविधाओं में वृद्धि

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए स्थायी समिति की सिफ़ारिशें स्वीकृत कर ली गई हैं | आधारभूत विकास में प्लाट नं। 10A पर, जहाँ पुरानी कार्यशाला इमारत स्थित है, वहाँ संयुक्तांग कार्यशाला के साथ शैक्षणिक विभाग का पुनर्विकास एवं पुनर्निर्माण शामिल है |

संस्थान में निम्नलिखित क्षेत्रों में उपलब्ध सेवाओं को और बेहतर बनाने के प्रयास जारी है

  1. पोलियों, प्रमस्तिष्कीय आघात, मस्तिष्कीय चोट एवं पेशी अपविकास के मामलों में तंत्रिकीय पुनर्वास | · आस्टियोपोरोसिस, गठियारूप संधिशोथ एवं अन्य संबंधित स्थितियों जैसे: अस्थिसंधिशोथ, गठिया एवं तंत्रिका विकृति जोड़ो के लिए संधिशोथ क्लिनिक |
  2. मेरुदण्डीय डिसराफिजम, जन्मजात विसंगतियों, अस्थिजनन दोष एवं अन्य दुर्लभ स्थितियों से पीड़ित बच्चों की जरूरतों को पूरा करने के लिए बाल रोग पुनर्वास |
  3. फेज - द्वितीय के रोगियों एवं एम आई (एमआई), पोस्ट सी ए बी जी (पोस्ट CABG), एच टी एवं सी ओ पी डी (सीओपीडी) से पीड़ित व्यक्तियों का हृदय फेफडे एवं रक्तवाहिनियों से सबंधित पुनर्वास |
  4. मेरुरज्जु (स्पाइनल कॉर्ड) अपघात क्लिनिक - मेरुरज्जु चोटग्रस्त (टी. बी,चोट, ट्रान्सवर्स माइलाइट्स, गुलयनबारी सिंड्रोम इत्यादि की वजह से) लोगों के सामग्रिक पुनर्वास के लिए |
  5. फिटनेस को बढ़ावा देने, खिलाड़ीयों की चोटों की रोकथाम एवं उनका उपचार करना ताकि वे जल्दी से जल्दी पुनः अपने खेल के मैदान पर वापस लौटने के लिए सक्षम बनाना |
  6. ऋज्वांग एवं संयुक्तांग उपकरणों को बनाने के लिए अनुवर्ती कार्यवाही के साथ-साथ तकनीक एवं दक्षता को अद्यतन करना जिससे उत्पादन बढ़ाया जा सके एवं तात्कालिक सेवाएँ प्रदान की जा सके
  7. कार्य संबंधित पुनर्वास-बीमार या चोटग्रस्त व्यक्ति को फिर से कम पर जाने के लिए तैयार करने हेतु |
  8. निष्क्रिय जीवन शैली एवं व्यवसाय संबंधी समस्याओं के लिए व्यावसायिक कटीवेदाना (पीठ में दर्द) देखभाल |
  9. वृद्ध अवस्था क्लिनिक – वृद्ध लोगों की उम्र के वजह से आयी गतिशीलता संबंधी बिमारियों के बचाव, इलाज एवं पुनर्वास के लिए |
  10. व्हीलचेयर व्यायामशाला एवं बाह्य चिकित्सा क्रीड़ा क्षेत्र |
  11. श्रवण क्षति एवं निगरान कष्ट इकाई हेतु आरम्भिक पहचान सेल |

महाराष्ट्र आरोग्य विज्ञान विद्यापीठ, नासिक को निम्नलिखित पाठ्यक्रम शुरू करते हेतु प्रस्ताव अग्रेषित कर दिया गया है

  1. पी.एम.आर. में पी.एच.डी.
  2. पी.एंड.ओ. में पी.एच.डी.
  3. संज्ञाहरण विज्ञानी में एम.डी. एवं पी.जी. डिप्लोमा
  4. पुनर्वास में प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम
  5. पुनर्वास में अध्येतावृत्ति
  6. पुनर्वास नर्सिंग में प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम
  7. चिकित्सा समाज कार्य पुनर्वास में प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम